संन्यासी बनना चाहते थे नरेंद्र, किस्मत ने लिखी थी कुछ और ही कहानी, जानें पूरी कहानी

संन्यासी बनना चाहते थे नरेंद्र, किस्मत ने लिखी थी कुछ और ही कहानी, जानें पूरी कहानी

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PM Modi Birthday: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 73वें जन्मदिन को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही है. इसको लेकर बीजेपी भी देश के अलग-अलग हिस्सों में कई तरीके के प्रोग्राम कर रही है. बीजेपी ‘सेवा पखवाड़ा’ शुरू करते हुए समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंच बनाएगी. इस बीच सवाल ये है कि आखिर सामान्य परिवार में जन्मे पीएम मोदी ने सीएम से पीएम बनने तक का सफर कैसे पूरा किया?

ये जानने से पहले हम पीएम मोदी के शुरुआती जीवन के बारे में जान लेते हैं. पीएम मोदी का जन्म गुजरात के वडनगर में 17 सितंबर 1950 को हुआ था. उनके पिता दामोदरदास मोदी चाय बेचते थे. स्वर्गीय मां हीराबेन इसमें सहायता करती थी. साथ ही वो दूसरों के घरों में बर्तन भी मांजती थी. ऐसे में पीएम मोदी का जीवन काफी मुश्किल भरा रहा. इसके बाद भी पीएमओ के मुताबिक, वो (पीएम मोदी) आजाद भारत में जन्में देश के पहले प्रधानमंत्री बने. देश को स्वतंत्रता को 15 अगस्त 1947 को मिली थी. 

पीएम मोदी ने संन्यासी बनने का लिया फैसला?
पीएम मोदी की शादी जशोदाबेन मोदी से करा दी गई, लेकिन वो ये नहीं चाहते. न्य़ूज 18 के मुताबिक, वो (पीएम मोदी) ने संन्यासी बनने की राह थाम ली. उन्होंने देश के उत्तर और उत्तर-पूर्व भारत की यात्रा की. इसके दो बाद साल बाद वो वापस लोटै. 

आरएसएस में हुए शामिल?
पीएम मोदी लौटने के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS)  में शामिल हो गए. वो 1972 में गुजरात के अहमादाबाद में आरएसएस के प्रचारक बनाए गए. संघ में शामिल होने के बाद उनके दिन की शुरुआत सुबह पांच बजे से होती थी. यहां से पीएम मोदी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. 

गुजरात में रचा इतिहास
पीएम मोदी को 1987 में गुजरात बीजेपी का जनरल सेक्रेटरी बनाया गया. उन्होंने अपने आपको साबित कर दिया. इसी के साथ बीजेपी ने पहली बार अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशनका चुनाव जीता. साल 1990 के गुजरात विधानसभा इलेक्शन में बीजेपी का वोट शेयर बढ़ा और वो दूसरे नंबर पर रही. इसके बाद बीजेपी को 1995 में गुजरात की 121 सीटें मिली.  पीएम मोदी को 1995 में बीजेपी का नेशनल सेक्रेटरी बनाया गया. 

सीएम से पीएम बनने तक का सफर
नरेंद्र मोदी साल 2001 में गुजरात के पहली बार मुख्यमंत्री बने. वो 2014 तक सीएम रहे. फिर नरेंद्र मोदी 26 मई 2014 को देश के प्रधानमंत्री बने. बीजेपी को पूर्ण बहमुत मिला. अगले लोकसभा चुनाव यानी 2019 में नरेंद्र मोदी फिर से चुने गए. अब अगले साल आम चुनाव है. ऐसे में बीजेपी को उम्मीद है कि पीएम मोदी को एक बार फिर से सत्ता की चाभी मिलेगी. 

ओबीसी तक पहुंचने का प्लान
बीजेपी रविवार को पीएम मोदी के 73वें जन्मदिन के उपलक्ष्य में ‘सेवा पखवाड़ा’ शुरू करते हुए देशभर में विभिन्न कल्याणकारी गतिविधियों का आयोजन करेगी. यह कवायद महात्मा गांधी की जयंती दो अक्टूबर तक जारी रहेगी. 

रविवार को विश्वकर्मा जयंती भी है और पीएम मोदी अपनी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना, ‘प्रधानमंत्री विश्वकर्मा’ की शुरुआत करेंगे, जिसका उद्देश्य कारीगरों, शिल्पकारों और पारंपरिक कौशल में लगे अन्य लोगों की मदद करना है. 

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, चूंकि इन पारंपरिक व्यवसायों में लगे लोग मोटे तौर पर अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) से आते हैं, इसलिए 13,000 करोड़ रुपये के परिव्यय वाली इस योजना को सत्तारूढ़ बीजेपी के राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस वर्ग तक पहुंच बनाने के प्रयास के तौर पर भी देखा जा रहा है. 

पीएम मोदी क्या करेंगे
पीएम मोदी  द्वारका में यशोभूमि नामक इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर (आईआईसीसी) के पहले चरण और दिल्ली मेट्रो के एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के विस्तारित खंड का भी रविवार उद्घाटन करेंगे. 

इनपुट भाषा से भी. 

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