17 सितंबर को कन्या संक्रांति, जानिए इस दिन का महत्व, उपाय और देश-दुनिया पर इसका प्रभाव

17 सितंबर को कन्या संक्रांति, जानिए इस दिन का महत्व, उपाय और देश-दुनिया पर इसका प्रभाव

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Kanya Sankranti 2023: हिंदू धर्म में सूर्य के राशि बदलने को संक्रांति कहते हैं. सूर्य हर माह एक राशि से दूसरे राशि में गोचर करते हैं और इस तरह से एक साल में 12 बार संक्रांतियां पड़ती हैं.शास्त्रों में संक्रांति को एक पर्व की तरह माना गया है. इसलिए संक्रांति पर सभी तीर्थों और पवित्र नदियों में स्नान के लिए श्रद्धालु पहुंचते हैं

ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि, 17 सितंबर को सूर्य सिंह से कन्या राशि में प्रवेश कर रहे हैं. जब भी सूर्य एक राशि से दूसरे राशि में जाते हैं तो इसे संक्रांति कहते हैं. सूर्य हर महीने राशि परिवर्तन करते हैं और इसलिए साल में कुल 12 संक्रातियां आती हैं.

हिन्दू धर्म में संक्रांति के दिन को बहुत पुण्यकारी माना गया है. इस दिन पितृ तर्पण, दान, धर्म और स्नान आदि का काफी महत्व है. सभी 12 संक्रांतियां दान-पुण्य के लिए अत्यधिक शुभ मानी जाती हैं. कन्या संक्रांति को भारतीय हिंदू कैलेंडर के अनुसार छठवें महीने की शुरुआत में मनाया जाता है. इस दिन सूर्य, सिंह राशि से कन्या राशि में प्रवेश करते हैं और इसलिये इसे कन्या संक्राति के नाम से जाना जाता है. इस साल कन्या संक्रांति 17 सितंबर को पड़ रही है.

संक्राति पर सूर्य को दें अर्घ्य

ज्योतिषाचार्य ने बताया कि, संक्रांति पर सुबह जल्दी उठें और स्नान के बाद तांबे के लोटे से सूर्य को अर्घ्य अर्पित दें. सूर्य को जल चढ़ाने के लिए लोटे में पानी के साथ लाल फूल,चावल भी डाल लें. इसके बाद ‘ऊँ सूर्याय नम:’ मंत्र का जप करते हुए अर्घ्य अर्पित करें. सूर्य देव का आशीर्वाद पाने के लिए गुड़ का और तांबे के बर्तन का दान करना चाहिए.

ग्रहों के राजा और पंचदेवों में एक हैं सूर्य

ज्योतिष में सूर्य को ग्रहों का राजा माना जाता है जोकि सिंह राशि का स्वामी हैं. शनि देव,यमराज और यमुना सूर्य देव की संताने हैं. हनुमान जी ने सूर्य देव को गुरु बनाया था और उनके साथ चलते-चलते सभी वेदों का ज्ञान हासिल किया था. अगर सुबह-सुबह सूर्य दिखाई न दे तो पूर्व दिशा की ओर मुंह करके सूर्य देव का ध्यान करते हुए जल चढ़ाना चाहिए. सूर्य पंचदेवों में से एक हैं. गणेश जी,शिव जी,विष्णु जी,देवी दुर्गा और सूर्य देव ये पंचदेव हैं. इनकी पूजा के साथ ही सभी शुभ कामों की शुरुआत होती है.

कन्या संक्रांति किन राशियों के लिए शुभ या अशुभ (Kanya Sankranti 2023 Effect)

ज्योतिषाचार्य ने बताया कि, सूर्य का राशि परिवर्तन होने से मेष, कर्क, वृश्चिक और धनु राशि वालों के लिए अच्छा समय रहेगा. इन चार राशियों के लोगों की तरक्की और फायदे के योग बनेंगे. मिथुन, तुला, कुंभ राशि वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. इन तीन राशि वालों को नौकरी और बिजनेस में संभलकर रहना होगा. वहीं वृष, सिंह, कन्या, मकर और मीन राशि वाले लोगों के लिए समय सामान्य रहेगा.

कन्या संक्राति का महत्व (Kanya Sankranti 2023 Importance)

ज्योतिषाचार्य ने बताया कि, कन्या संक्रांति पर पितरों को किए जाने वाला अनुष्ठान का विशेष महत्व है. इस दिन अपने पितरों के लिए श्राद्ध, तर्पण, पूजा-अनुष्ठान आदि करने से पितृदोष दूर होते हैं और पितरों का आत्मा को शांति मिलती है. इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से भी सभी पाप धुल जाते हैं. अगर नदी में स्नान करना संभव ना हो, तो नहाने के पानी में गंगाजल की कुछ बूंदें मिलाकर स्नान कर सकते हैं. कन्या संक्रांति के दिन को विश्वकर्मा पूजा दिवस के रूप में भी मनाया जाता है. तो वहीं दूसरी तरफ दक्षिण भारत में संक्रांति को संक्रानम कहा जाता है.

कन्या संक्रांति पर विश्वकर्मा पूजा (Vishwakarma Puja 2023)

ज्योतिषाचार्य ने बताया कि, कन्या संक्राति 17 सितंबर को भगवान विश्वकर्मा का जन्मदिवस भी मनाया जाएगा. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा जी के सातवें पुत्र विश्वकर्मा ही सृष्टि के पहले वास्तुकार, शिल्पकार और इंजीनियर थे. उन्होंने ही इस सृष्टि को सजाने और संवारने का काम किया था. उत्तर भारत के राज्यों के अलावा महाराष्ट्र, गुजरात, बंगाल, बिहार और उड़ीसा में विश्वकर्मा पूजा का धूमधाम से आयोजन किया जाता है. इस दिन लोग अपने वाहन, फैक्ट्री और घर के औजारों की विधिवत पूजा करते हैं. सभी प्रकार के कारीगर, उद्योग, स्कूल, दुकान, मशीन आदि से जुड़े लोग विश्वकर्मा भगवान की पूजा करते हैं. इस दौरान आप घर पर मांगलिक कार्यक्रम भी कर सकते हैं.

कन्या संक्रांति का देश-दुनिया पर असर

ज्योतिषाचार्य ने बताया कि, कन्या राशि में सूर्य के आने से शेयर बाजार में गिरावट के साथ बिजनेस की गति कुछ थमेगी. लेकिन बुध के साथ युति बनने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार में वृद्धि के साथ शेयर बाजार फिर से बढ़ने की भी संभावना रहेगी. इससे अर्थव्यवस्था मजबूत होने के योग बनेंगे. राजनीतिक उथल-पुथल एवं प्राकृतिक आपदाओं की आशंका बढ़ेगी. बुधादित्य शुभ योग के प्रभाव से शिक्षा क्षेत्र में विकास की ओर सरकार का ध्यान रहेगा. इस क्षेत्र से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिलेगा.

शिक्षा प्रणाली में सुधार के भी योग बनेंगे. धरना जुलूस प्रदर्शन आंदोलन गिरफ्तारियां होंगी. रेल दुर्घटना होने की संभावना है. बैंक संबंधित नियम बैंक घोटाला धोखा धड़ी सामने आ सकती है. फिल्म मनोरंजन कॉमेडी डांसर विवाद और चर्चा में रहेंगे. महिलाओं के लिए समय शुभ नहीं है. कोई बड़ी फिल्म अभिनेत्री से दुखद समाचार मिल सकती है.

कन्या संक्रांति उपाय (Kanya Sankranti 2023 Upay)

ज्योतिषाचार्य ने बताया कि, कन्या संक्रांति पर भगवान श्री विष्णु की उपासना करें. बंदर, पहाड़ी गाय या कपिला गाय को भोजन कराएं. उगते सूर्य को अर्घ्य देना शुरू करें और रविवार के दिन उपवास रखें. रोज गुड़ या मिश्री खाकर पानी पीकर ही घर से निकलें. जन्मदाता पिता का सम्मान करें, प्रतिदिन उनके चरण छुकर आशीर्वाद लें. भगवान सूर्य की स्तुति आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें. 

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